Tuesday, April 22, 2014

वो बातें..


वो छिपी हुई हैं मन में कहीं,  वो जिन्हें कभी भी सुना नहीं
वो जो बिखरी हुई थीं यहाँ वहां, जिन्हें तुमने ह्रदय में दबा लिया।

वो चाशनी से पगी हुईं, कानों में रस घोलती
वो जिनको सुनकर ख़ुशी मेरी, आंसुओं में बरबस डोलती
वो बातें शब्दविहीन सी, आत्ममंथन करती हुई
वो बातें समुद्र की लहरों सी
जिन्हें तुमने ह्रदय में दबा लिया।।

वो बातें छोटी मोटी सी, वो बातें कच्ची-पक्की सी
वो बातें हंसाती तोतली, वो बातें फूल बिखेरती 
वो बातें शरारतों में ढली हुई, वो बातें बालपन में रमी हुई
वो बातें तुम्हारे बचपन की
जिन्हें तुमने ह्रदय में दबा लिया।।

कही अनकही के बीच का, ये जो वक़्त है पहाड़ सा
शुन्य से शुरू हुआ, ये सफ़र है अपार सा
वो बातें पथ के कांटों सी
जिन्हें तुमने ह्रदय में दबा लिया।।

वो बातें इंतज़ार में लिपटी हुई, मेरे धैर्य का इम्तिहान हैं
मुझ में जीवन घोलती, मेरी खुशियों का सामान हैं
वो बातें तेरी मेरी सी, जिन्हें तुमने कभी भी कहा नहीं
वो बातें मेरा जीवन हैं
जिन्हें तुमने ह्रदय में दबा लिया।।

                                                               You are not alone..I am with you.. hamesha
                                                                   love you Beta !!

Sunday, April 13, 2014

याद


पिताजी इसी पत्थर पर आकर बैठते थे। कहते थे - मुझे यहाँ आकर बड़ा सुकून मिलता है.. जब मैं न रहूँ तो यहीं आकर मुझसे मिल लिया करना। 
बात सालों पुरानी है.. जीवन की आपाधापी में समय कब हाथ से फिसल गया.. पता ही नहीं चला। आज सालों बाद वो अपने पूरे परिवार के साथ यहाँ आया था। बच्चे खेलने लगे और वो अपने पिता से बातें करने लगा। दोनों ने काफी बातें की.. पिता ने कहा - बहुत देर लगा दी आने में.. बेटा यहाँ से दूर तक दिखता है। तुझे कुछ दिख रहा है.. उसने कहा - हाँ पापा..मै आपका हाथ थामे इन्ही वादियों में चलना सीख रहा हूँ। फिर यही आप के साथ बैठकर जीवन की दिशा चुनी। यहीं आपने समझाया था.. बेटा राशि को इस तरह से मत डांटा करो..धीरे धीरे सब समझ जाएगी..। और आज फिर आप से इतने सालों बाद मिल रहा हूँ। 
तभी राशि की आवाज़ से उसकी तन्द्रा टूटी.. उसने कहा - चलो सब वापस लौटने के लिए तैयार हैं.. वो फिर लौट पड़ा..अपने पिता कि याद उस शिला से दूर, लेकिन फिर लौटने के वादे के साथ।

Thursday, April 10, 2014

Happy Birth Day...



अपना प्यार जताने के लिए उपहार देना बहुत सहज सी बात है।
कोशिशें तो मैंने भी बहुत कीं प्यार जताने की, उपहारों के माध्यम से ...
लेकिन बहुत देर से समझी..
कि जिसके लिए प्यार ही सबसे अनमोल हो
उसको ये बेमोल के तोहफ़े कहाँ भाएंगे..
वो मेरे प्यार को सबसे अनमोल कहता है और
मैं उसके प्यार को सबसे क़ीमती समझती हूं..
अब और क्या दूँ तुम्हें, मेरे प्यार से बढ़कर हो जो..
दिल तेरा..साँसे तेरी..तू मेरा और मैं तेरी।   
जन्मदिन पर ढेर सारा प्यार तुम्हारे लिए  

Happy birthday Hubby !!

Saturday, April 5, 2014

अहसास.. तेरे संग होने का


तपती धूप में बारिश की बूंद जैसा
भरी थकान में चाय के गर्म घूंट जैसा
पंखुडियों पर टिकी ओस की बूंद हो जैसे.. 
मंदिर में जलते दिये की लौ जैसा
कभी लगता है माथे पर सजी बिंदिया जैसा
कजरारी आंखों में तैरते हुए ख़्वाब की तरह
और कभी लौंग के लशकारे की तरह झिलमिलाता सा..
खूबसूरत है..
 धड़कनों को शिथिल सा कर जाता है
सुख और सुकून के मिलन से जन्मा 
एक अहसास..
तेरे संग होने का

सच.. बहुत सुखद है 
तेरा होना..
मेरे संग होना..!


photo courtesy: 'Nishant Kashyap Photography'