Thursday, January 30, 2014

मैं हूं न तेरे संग..


जाने क्या बात है..
क्यों परेशां हो 
जब साथ है
क्यों लगा कि मुशकिलें 
मिलेंगी राह में
मैं हूं न तेरे संग
हर पल... हर हाल में
ये संग ही हमारा 
हौसला है दिलबर
देता है खुशियां
और जीने की हिम्मत 
ये संग तेरा 
ये संग मेरा
बढ़ाता है जीवन
रोज़ 
थोड़ा..थोड़ा



Thursday, January 23, 2014

उलझन सुलझा दो न..


कहा था तुमने मुझसे कभी
''तुम बिन जी न पाएंगे
तुम ही जीवन हो  
तुम बिन हम..
बस मर जाएंगे"
आज उलझन में हूं
 तुम ही सुलझा दो ना.. 
हर बात पर चुप हो जाने वाले, 
मेरे एक सवाल का जवाब दो ना..
क्यों नमी मेरी आंखों से गुम नहीं होती  
मुझको अपनी ज़िन्दगी कहने वाले
     क्यों आज तुझे ज़िन्दगी महसूस नहीं होती..?

Tuesday, January 14, 2014

तुमने हमको जीना सिखाया..


एक दिन खुशी मांगी थी रब से 
और तुमने खुद को हमें सौंप दिया
उस देने वाले ने ये अन्तहीन सुख 
सिर्फ हमें भेंट किया..

हम तो इस लायक न थे कि 
जीवन को समझ पाते
तुम ही ने हमें इस क़ाबिल बनाया 
कि आज हम ज़िन्दगी के मायने सीख गये..

हमने अपनी कमियां देखीं
उन्हें दूर करने का हौसला तुमने दिया
हमने अपनी कमज़ोरियां देखीं
उन्हें हिम्मतों में बदलने का जज़्बा तुमने दिया

हम तो अल्हड़ थे..ज़िम्मेदारियों से परे
ज़िम्मेदारियां उठाना तुमने सिखाया
अब तक तो सीखते आ रहे थे 
पर सिखाने का हुनर भी तो तुमने सिखाया

कभी तुमने हंसाया, कभी तुमने रुलाया
तुम्हारा ह़क है हमपर जो तुमने जताया
हम परेशान हुए तो, तुम ही ने गले से भी लगाया
अपने हौसलों से तुमने, हमको जीना सिखाया ।।


                                                     wishing you happiness unlimited... 
                                                                          happy birth day son !!

Tuesday, January 7, 2014

पूस की एक रात..


पूस की एक रात..
चांद को निहारते
महसूस की  
धीमी सी हलचल..
बादलों ने रंग बदला
काली घटाओं ने चांदनी को घेरा
रौशन जहां धुंधला गया
शांत से माहौल में यकायक
मेघगर्जना हुई
एक बूंद गालों पर पड़ी
एक बूंद आंखों से गिरी
और फिर तेरी यादों की   
झड़ी सी लग गई
तेरी यादें थीं सीली-सीली सी
भीगी देह और 
भीग गया अंतर्मन भी
तेरे न होकर भी 
तेरे होने को महसूस किया
उसी पल तेरा हाथ थाम के  
एक बार फिर
तनहा ही गुज़ार दी
पूस की एक रात..