Saturday, December 27, 2014

बे~वजह प्यार..


तुम कहते हो 
"तुम्हें प्यार करता हूं..
बेवजह,
प्यार करने के लिए 
क्या वजह होना ज़रूरी है?''
पर जानते हो...
एक भी वजह
जो तुम मुझे बताओगे
मैं सच कहती हूं..
मेरी आंखों में 
प्यार ही पाओगे
थोड़ी सी शरमा जाउंगी
थोड़े से गुगूर में भी रंग जाउंगी
पर सच कहती हूं
जी उठूंगी.. 
थोड़ा सा और 
खिल जाउंगी..
थोड़ा सा और 
तो बताओ न..
एक भी वजह
मुझे बेवजह प्यार करने की.. !

6 comments:

  1. उम्दा अभिव्यक्ति परी ..... हम में भी तो प्यार बेवजह .... लव you
    स्नेहाशीष .... अशेष शुभकामनायें

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  2. parul जी बहुत खूबसूरत भाव ....बधाई ...मंगलकामनाएँ

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  3. सार्थक प्रस्तुति।
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (29-12-2014) को पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  4. भावों की उत्तम अभिव्यक्ति

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  5. बेहतरीन भाव...सुन्दर अभिव्यक्ति...बधाई.

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  6. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" गुरुवार, कल 21 जनवरी 2016 को में शामिल किया गया है।
    http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप सादर आमत्रित है ......धन्यवाद !

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आपके कमेंट्स बेहद अनमोल हैं मेरे लिए...मेरा हौसला बढ़ाते हैं...मुझे प्रेरणा देते हैं..मुझे जोड़े रखते आप लोगों से...तो कमेंट ज़रूर कीजिए।