Wednesday, August 27, 2014

तेरे प्यार में...



कितने रंग निखर आये हैं
तेरे प्यार के मुझपर,
कभी दिन में सुरमई,
रातों में अक्सर सियाह सी,
तेरी यादों में पीली..
और तेरे पास होने से
लाल हो गई हूँ..
तेरे प्यार में यार
मैं गुलाल हो गई हूँ.. 

7 comments:

  1. Information and solutions in Hindi ( हिंदी में समस्त प्रकार की जानकारियाँ )
    आपकी इस रचना का लिंक दिनांकः 29 . 8 . 2014 दिन शुक्रवार को I.A.S.I.H पोस्ट्स न्यूज़ पर दिया गया है , कृपया पधारें धन्यवाद !

    ReplyDelete
  2. आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (29.08.2014) को "सामाजिक परिवर्तन" (चर्चा अंक-1720)" पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें और अपने विचारों से अवगत करायें, चर्चा मंच पर आपका स्वागत है, धन्यबाद।

    ReplyDelete
  3. प्रेम में गुलाल होना स्वाभाविक है। बढ़ियाँ जज़्बात

    ReplyDelete

आपके कमेंट्स बेहद अनमोल हैं मेरे लिए...मेरा हौसला बढ़ाते हैं...मुझे प्रेरणा देते हैं..मुझे जोड़े रखते आप लोगों से...तो कमेंट ज़रूर कीजिए।