Saturday, February 1, 2014

कुछ लोग बहुत याद आते हैं..


तुम्हारे चेहरे पर तुम्हारी पूरी कहानी दिखती है
चेहरे की सिलवटों में छिपे हैं संघर्ष तुम्हारे
आखें बयां करती हैं परिश्रम तुम्हारे
तुम्हारे बालों की सफेदी में 
तुम्हारे अनुभवों की चमक दिखती है
तुम्हारी आखों में झांककर देखा नहीं किसी ने
इनमें जीने की एक छोटी सी ललक दिखती है
हमारे बुजुर्ग कितना कुछ सिखाते हैं हमें
परंपरा और संस्कार बताते हैं हमें
सीख इनकी हमेशा रखना ज़हन में
उम्र भर कहां ये साथ निभाते है
सहेज कर रख ली हैं तुम्हारी भी यादें
कुछ लोग बहुत याद आते हैं..

 photo courtesy : Nishant Kashyap Photography

10 comments:

  1. सच में बहुत याद आते हैं !
    बहुत सुंदर !

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  2. सार्थक ... सुन्दर प्रस्तुति

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  3. आपकी इस प्रस्तुति को आज की कल्पना चावला की 11 वीं पुण्यतिथि पर विशेष बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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  4. आपकी इस प्रस्तुति को आज की कल्पना चावला की 11 वीं पुण्यतिथि पर विशेष बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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  5. बहुत सुन्दर और सार्थक प्रस्तुति !
    New post Arrival of Spring !
    सियासत “आप” की !

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  6. मर्म को छूते हुए शब्द .... संवेदन शील रचना

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  7. गहराई तक उतरती पंक्तियाँ....पारुल जी

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  8. सच कहा है ... बुज़ुर्ग पूरी दास्तां हैं जीवन की ... लंबे अनुभव का इतिहास ...
    मर्म-स्पर्शीय ...

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  9. बहुत सुंदर प्रस्तुति.
    इस पोस्ट की चर्चा, मंगलवार, दिनांक :- 04/02/2014 को चर्चा मंच : चर्चा अंक : 1513 पर.

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आपके कमेंट्स बेहद अनमोल हैं मेरे लिए...मेरा हौसला बढ़ाते हैं...मुझे प्रेरणा देते हैं..मुझे जोड़े रखते आप लोगों से...तो कमेंट ज़रूर कीजिए।