Monday, November 25, 2013

एक गुड़िया सयानी..


बचपन की बातें कितनी सुहानी 
एक था राजा एक थी रानी
राजा-रानी की थी एक गुड़िया सयानी

गुड़ियों की दुनिया मेरी भी थी, गुड़िया एक प्यारी मेरी भी थी
हंसती थी साथ, रोती थी साथ
खेलती साथ, सोती साथ, हर पल रहती थी साथ-साथ

बचपन के खेल ख़त्म हुए, मैं धीरे-धीरे बढ़ती गई
मुझे दोस्त और भी मिले कई, मेरी गुड़िया मगर..
मेरी गुड़िया रही

दिल के भाव मेरे कुछ बदलने लगे, गुड़िया के दर्द भी अब दिखने लगे
उससे रिश्ता मेरा और जुड़ता गया, वो बच्ची थी, 
दिल मां सा लगने लगा

टॉफी-चॉक्लेट बांट-बांट कर, दर्द भी साथ बंटने लगे
बचपन के रिश्ते से जुड़े ये दिल, आज भी 
एक रिश्ते में बंधे हुए

इंसान का इंसान से रिश्ता भी काश ऐसा होता
चोट मुझके लगती तो दर्द उसको होता..
फिर गुड़ियों से खेलने की ज़रूरत न होती
इंसानी रिश्तों में जो बात इतनी होती..






Thursday, November 21, 2013

Thanks all !


जब लिखना शुरू किया 
तब सोचा नहीं था कि कोई मुझे भी पढ़ेगा,
अपनी लेखनी पर तब इतना भरोसा नहीं था..
लिखते-लिखते, लोग जुड़ते गए 
सही ग़लत बताते गए
मेरे ख़यालों को पढ़ते गये..सराहते गये
और मुझे इस पायेदान तक ले आए
आप सभी का शुक्रिया... 

Wednesday, November 20, 2013

जीने की राहें



तेरे प्यार से पाईं है मैंने जीने की राहें
परेशां होती हूं जब 
पत्थर सी हुई जाती हूं
बिखर जाती हूं ज़मीं पर 
राहें मुश्किल बनाती हूं 
तभी तुम फूल से बनकर बिखरते हो
मेरे पत्थराए रस्तों को 
मखमल सा करते हो
हां तेरे प्यार से पाईं हैं मैंने जीने की राहें
हां तेरे प्यार में खोकर मैं मंज़िल को भी पा लूंगी...

Tuesday, November 19, 2013

अमानत..


बहुत संभाल के रखा है किसी ने 
उस अमानत को
हम तो ज़ाया ही परेशां थे 
के खो गये हमसे
चलो अब बेफ़िक्र सोएंगे
 कि सलामत हैं वो
कुछ ख़्वाब थे.. 
शायद वहीं छोड़ आए थे...

Sunday, November 17, 2013

एक प्याली चाय आम नहीं होती..


कल बहन से बात हुई..तो अमरीका के मौसम का पता चला, आजकल बर्फ पड़ रही है वहां। यहां आज हवा तेज़ थी, शाम को चाय पीते-पीते उसकी बहुत याद आई.. 



एक प्याली चाय.. आम नहीं होती 
न हो तो सर्द रातें आसान नहीं होती
हल्की ठण्डक है यहां..और हम परेशान हुए जाते हैं
कभी शौल ओढ़ते हैं तो कभी चाय-कॉफी का सहारा लेते हैं 
सोचती हूं कि दिसम्बर की सर्दियां कैसे बिताएंगे,
हाय.. हम तो ठण्ड में जम ही जायेंगे
सोचते सोचते बस उसका ख़याल आ गया
इतनी ठण्ड में माथे से पसीना आ गया
हम तो बस यूं ही परेशान हुए जाते हैं
एक वो हैं जो बर्फ में भी जीवन बिताते हैं
हल्की सी सर्द जो हवाएं हुईं
ख़राशें-छींके तो अब आम हुईं
चल रही है वो सफेद हुई सड़कों पर
संभाल रही है खुद को बर्फीली हवाओं में
और हरा रही है ठण्ड को 
बर्फ के गोले बनाकर
पूछा उससे कि कैसे रहती है वो इतनी ठण्ड में
जवाब बस वही..
एक प्याली चाय आम नहीं होती..

                                                                                           Missing you Payal...

Saturday, November 9, 2013

वो भरकता मफ़लर..

सर्दियों ने दस्तक दी
और मैं फिर से अपनी ऊन और सलाई
पुराने संदूक से निकाल लाई..
इस बार भी हवाएं चेता रही हैं 
कि कुछ बना लूं गर्म सा
जो उनको थोड़ी राहत देगा..
सर्द हवाओं में
मैं फिर सोच में पड़ गई कि कहां से शुरू करूं
कुछ फंदे सलाई में डाले और कुछ उतार दिये
थोड़े फंदे उठाये और थोड़े गिरा दिये
सोचा बूटियां बनाउंगी..या फिर
बगैर किसी डिज़ाइन का..मेरी तरह सादा सा
पर जैसा भी हो मेरे प्यार से महका होगा
उसका मीठा सा सेक हर पल उसे मुझसे जोड़े रखेगा
पर देखो न..
मैं फिर से इस ऊन में उलझ के रह गई
हर साल की तरह
बस सोचती ही रह गई
क्यों न दे पाई मैं अपने सपने को वो रूप
सृजन कर न सकी उस फिक्र का.. 
अपने मन के भावों का 
हर साल की तरह.. इस साल भी न बुन पाई मैं
मेरे सपनों का वो भरकता मफ़लर..


Tuesday, November 5, 2013

चलो करें नयी शुरुआत..

आज भाई दूज पर सब अपने भाइयों के साथ होते हैं। जो साथ नहीं होते वो बात ज़रूर करते हैं और जो बात न कर सकें तो याद बहुत करते हैं.. मैं भी आज अपनी तीनों बहनों को याद कर रही हूं.. और मेरे ह्रदय के ये भाव उन्हीं को समर्पित हैं.. 



चलो कुछ नया करें, कुछ ऐसा जो थोड़ा अलग हो
समाज के रीति रिवाज़ों से परे कुछ 
जिसे करके मन को सुकून मिले

दो त्यौहार जब आते हैं, उत्साह सारा ले जाते हैं
रक्षाबंधन और भाई दूज, कुछ कम है..ये कह जाते हैं

जिन बहनों के भाई नहीं, वो बहनें क्यों रहें उदास
क्यों न बन जातीं वो एक दूसरे की आस

चलो अब कुछ नया करें, हम चारों करें नयी शुरुआत
एक दूजे को बांधें राखी, और दूज पर करें तिलक

चलो भर दें उस रिक्तता को और लें वचन आज
बहनों को ही मानेंगे सबकुछ, देंगे हमेशा साथ
रक्षा करेंगे एकदूसरे की, न होंगे कभी उदास

ह़क रखेंगे एक दूसरे पर, प्रेम से रहेंगे साथ
  खुशियों में होंगे पास,  दुख-दर्द भी बांटेंगे साथ 
 चलो करते हैं ये नयी शुरुआत..


Love you all my lovely sisters !