Sunday, December 8, 2013

क्योंकि गहनों का मुझे शौक नहीं...

कितने ही गहने हैं पास..पर और चाहिए...
ऐसा कभी चाहा नहीं..
क्योंकि गहनों का मुझे शौक नहीं... 
शायद प्यार है..जो धीरे-धीरे संचित हो रहा है
बचपन में नानी ने दी थीं मुझे सोने की बालियां
फिर मां पापा का प्यार जो अकसर बरसता था
कभी कानों के बुंदों में, पांव की पायल में,
तो कभी गले की चेन में,
और शादी पर तो भावनाओं का सैलाब ही आ गया
कितने सारे रिश्तेदारों का प्यार मिला
सास-ससुर ने भी प्यार देने में कोई कमी न रखी
पति ने भी प्यार जताने के लिए गहने दिलवाये
सुर्ख सोने की चमक से सूरत तो दमकी
सुनहरी रौशनी इसकी..पर आंखें न चमकीं
क्योंकि गहनों का मुझे शौक नहीं...
क्योंकि अकसर सोच में पड़ जाती हूं मैं 
कि ये वाकई प्यार है..या कुछ और
समाज में प्रतिष्ठा दिलाने का महंगा सा सामान
या फिर प्रभाव जमाने का सस्ता सा साधन
क्योंकि सोना प्यारा है अगर र्निमल भावों में गढ़ा हो
क्योंकि सोना क़ीमती है अगर किसी ईमानदार का तोहफ़ा हो
क्योंकि सोना सुन्दर है अगर सिर्फ सौन्दर्य बढ़ाये
क्योंकि सोना बहुत महंगा है.. अगर दिमाग पर चढ़ जाये
क्योंकि गहनों का मुझे शौक नहीं... 
इसीलिए बस...प्यार सहेज रही हूं...सोना नहीं !

36 comments:

  1. रिश्तों से अच्छा कोई गहना नहीं होता।
    आखिरी पंक्तियों मे बहुत अच्छा संदेश छिपा है।

    सादर

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  2. उत्तम...इस प्रस्तुति के लिये आप को बहुत बहुत धन्यवाद...

    नयी पोस्ट@ग़ज़ल-जा रहा है जिधर बेखबर आदमी

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    1. धन्यवाद मेरी ओर से भी स्वीकाकर करें

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  3. उत्तम...इस प्रस्तुति के लिये आप को बहुत बहुत धन्यवाद...

    नयी पोस्ट@ग़ज़ल-जा रहा है जिधर बेखबर आदमी

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  4. सच प्यार से बड़ा कोई गहना नहीं ....वही सहेज रही हूँ... बहुत सुंदर ....

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    1. धन्यवाद रंजना जी आपका

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  5. महिलाओं के लिए तो गहना ही सब कुछ है, बेशक वो सोने का हो या प्यार का या लाज लिहाज का :)
    बेहतरीन लिखते हो आप !!

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    1. आपका बहुत शुक्रिया..

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  6. कल 11/12/2013 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद!

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  7. सच कहा है प्रेम है तो और कुछ मायने नहीं रखता ... बहुत उम्दा बात ...

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  8. बहुत ही सुन्दर बात..
    :-)

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  9. सुन्दर प्रस्तुति..

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  10. सच्चे प्यार के आगे सोना भी फीका है

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    1. आशा जी ब्लॉग पर पधारने के लिए शुक्रिया

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  12. शब्दो से बनी खूबसूरत गहना ....

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  13. अत्यंत सरल और संदेशात्मक रचना l हार्दिक बधाई ...

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  14. क्योंकि गहनों का मुझे शौक नहीं... बहुत सुन्दर उपमा दी है आपने
    बहुत प्यारी कविता है !!

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  15. https://hindibloggerscaupala.blogspot.com/के शुक्रवारीय अंक दिनांक १३/१२/१३ को आपकी रचना शामिल की गयी हैं कृपया अवलोकन हेतु पधारे .धन्यवाद

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    1. आपका बहुत बहुत शुक्रिया नीलिमा जी..

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  16. बहुत श्रेष्ठ प्रस्तुति है, जय हो जय हो

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  17. सुन्दर रचना

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