Wednesday, December 4, 2013

समय की गति कैसी होती है इसके बारे में सबकी अपनी अलग राय है। 
पर मेरी समझ से तो समय के पंख होते हैं..फुर्र से उड़ जाता है...
आज भी समय ने अहसास कराया कि वो कितनी जल्दी कितनी लम्बी दूरी तय कर लेता है..
मेरी सबसे छोटी बहन जिसे हम अभी तक बहुत छोटा समझते थे, अचानक बड़ी सी लगने लगी।
कोर्स की किताबों में उसे हमेशा व्यस्त देखा था, कभी उसने नहीं बताया कि वो लिखती भी है...
मेरे आश्चर्य की सीमा नहीं थी जब मैंने उसकी डायरी पढ़ी.. 
न जाने कब से लिख रही थी अपनी डायरी,
मैंने उसे मेरे ब्लॉग पर लिखने को कहा है... कभी-कभी वो भी अपने ख़याल सबसे साझा करेगी। 
जो स्नेह मुझे मिला उसे भी मिले...ऐसी आशा है।


                           




1 comment:

  1. स्वागत है उनका ...
    समय सच में देखते देखते ही उड़ जाता है ...

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