Tuesday, November 19, 2013

अमानत..


बहुत संभाल के रखा है किसी ने 
उस अमानत को
हम तो ज़ाया ही परेशां थे 
के खो गये हमसे
चलो अब बेफ़िक्र सोएंगे
 कि सलामत हैं वो
कुछ ख़्वाब थे.. 
शायद वहीं छोड़ आए थे...

4 comments:

  1. बहुत ही बढ़िया


    सादर

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  2. कल 21/11/2013 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद!

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