Wednesday, October 2, 2013

प्लास्टिक के फूल..



आज भी संभाल रखे हैं मैंने 
वो प्लास्टिक के फूल
जिन्हें देकर तुमने कहा था कभी
कि असली फूलों की उम्र ज़रा कम होती है
वो खुशबू तो देते हैं मगर
मुरझा कर बदरंग हो जाते हैं दो-चार दिन में..
ये प्लास्टिक के फूल कभी ख़राब न होंगे
खुशबू नहीं है इनमें लेकिन
हमेशा खिले रहेंगे..
उनकी पत्तियों पर तुमने नाम भी मेरा लिख डाला था
या यूं कहूं कि प्यार से एक गुलदस्ता सजाया था
हां आज भी खिले हुए हैं 
वो प्लास्टिक के फूल 
पर सोचती हूं...
.
.
.
काश ! प्यार भी प्लास्टिक का बना होता..





16 comments:

  1. जिंदगी से भरे प्रेम कुछ पल भी काफी होते हैं उम्र भर के लिए ... इन प्लास्टिक के फूलों में वो नर्म साँसें कहाँ ... अच्छी रचना है ...

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  2. बहुत खुबसूरत ....

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  3. हां आज भी खिले हुए हैं
    वो प्लास्टिक के फूल
    पर सोचती हूं...
    बहुत सुन्दर अहसास.
    नई पोस्ट : भारतीय संस्कृति और कमल
    नई पोस्ट : पुरानी डायरी के फटे पन्ने

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  4. इस पोस्ट की चर्चा, बृहस्पतिवार, दिनांक :-03/10/2013 को "हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल {चर्चामंच}" चर्चा अंक -15 पर.
    आप भी पधारें, सादर ....राजीव कुमार झा

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  5. कोमल अहसास लिए..
    बहुत सुन्दर रचना...
    :-)

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  6. बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉग समूह में सामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा कल - शुक्रवार - 04/10/2013 को
    कण कण में बसी है माँ
    - हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः29
    पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया पधारें, सादर .... Darshan jangra

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  7. कल 04/10/2013 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद!

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  8. या यूं कहूं कि प्यार से एक गुलदस्ता सजाया था
    हां आज भी खिले हुए हैं
    वो प्लास्टिक के फूल
    पर सोचती हूं...

    ......क्या बात है..बहुत खूब....बड़ी खूबसूरती से भावों को शब्दों में ढाला है...!!

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  9. kash pyar bhi plastic ka hota......uff kitna sundar :)

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  10. बस एक बात कहता हूँ ,
    Apne Mann Mein Doob Kar Pa Ja Suragh-E-Zindagi.
    Tu Agar Mera Nahin Banta Na Bann, Apna To Bann.

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  11. नादानी थी जो तुमने कबूले प्लास्टिक के फूल....

    उम्र बेशक कम हो मगर ज़िन्दगी हो तो सही....


    बहुत अच्छी रचना!!

    अनु

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  12. आप सभी का शुक्रिया जो सराहे आपने
    'प्लास्टिक के फूल'... :)

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  13. पसंद अपनी अपनी ,प्लास्टिक या प्राकृतिक फुल .रचना अच्छी है I
    नवीनतम पोस्ट मिट्टी का खिलौना !
    नई पोस्ट साधू या शैतान

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  14. काश ! प्यार भी प्लास्टिक का बना होता....so beautiful

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आपके कमेंट्स बेहद अनमोल हैं मेरे लिए...मेरा हौसला बढ़ाते हैं...मुझे प्रेरणा देते हैं..मुझे जोड़े रखते आप लोगों से...तो कमेंट ज़रूर कीजिए।