Saturday, August 3, 2013

मेरी मां



क्या क्या न सोचा होगा 
जब नन्हे नन्हे मोज़े बनाये होंगे..
मेरे आने से पहले मुझसे न जाने कितनी बातें की होंगी
और मेरे आने के बाद... न जाने कितनी रातें तुमने जागकर काटी होंगी
मेरे बोलना सीखने से पहले कैसे मेरी बातों को समझा होगा
बचपन की शरारतों को भी कहीं सहेजकर रखा होगा
जैसे तुम सारी पुरानी चीजों को संभालकर रखा करती हो
सामने आते ही ...तुम्हारे होंठों पर मुस्कान ले आती होंगी
मेरे बचपन की यादें...

मेरे बड़े होने से पहले न जाने क्या क्या सोचा होगा 
कितनी ही उम्मीदें और कितने ही सपने देखे होंगे
और फिर जब मैंने उन्हें तोड़ा होगा
तो कैसे चुपचाप उन्हें फिर समेट कर रख लिया होगा
अपने अंदर... जहां उन बिखरे टुकड़ों को कोई देख नहीं पाया होगा

मेरी शादी के सपने भी तुमने शायद मेरे बचपन से देखे होंगे
रोज़ थोड़े-थोड़े जोड़े होंगे..और जब वो जुड़ गये होंगे तो
कैसे तुमने उन्हें सिलकर मेरे लिए वो ओढना बनाया होगा
वो ओढ़ना जिसमें तुमने अपने सारे सपने..अपना सारा प्यार 
सितारों में भरकर टांका होगा ..
जिसकी झिलमिल तुम्हारी आंखों की चमक से बहुत मिलती है 
जिसे मैं ओढ़कर खुद को तुम्हारी गोद में महसूस करती हूं

आज भी न जाने क्या क्या सोचती होगी..क्या क्या सहेजती होगी..
क्या क्या जोड़ती होगी... मेरी मां !

30 comments:

  1. Don't ve any words..... Coz feelings can not b expressed through words................................ Superb

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  2. Don't ve any words..... Coz feelings can not b expressed through words................................ Superb

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  3. thanks sheetal... you can feel the same for mumma... missing her today :(

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  4. वाह , बहुत सुंदर





    यहाँ भी पधारे

    गजल
    http://shoryamalik.blogspot.in/2013/08/blog-post_4.html

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  5. Nothing to say...just missing u maa!!!

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    1. :( o don't miss her... bas call kar :)

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  6. बहुत ही सुन्दर भाव लिए सुन्दर रचना...
    :-)

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    1. धन्यवाद रीना जी

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  7. ...डायरेक्ट दिल से :)

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    1. दिल से जुड़े रिश्तों के लिए ... डायरेक्ट दिल से। धन्यवाद

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  8. जिसकी झलमिल तुम्हारी आंखों की चमक से बहुत मिलती है
    जिसे मैं ओढ़कर खुद को तुम्हारी गोद में महसूस करती हूं

    ......भावभरी पंक्तियाँ..बहुत सुन्‍दर नि:शब्‍द हूँ इस अभिव्‍यक्ति पर

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    1. प्रोत्साहन के लिए आभारी हूं संजय जी

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  9. मन को छू गयी रचना..... पारुल जी

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  10. माँ की तो बट ही निराली है ... हर बार कुछ न कुछ बच्चों का ही सोचा होगा ...
    उससे आगे कहां सोचती है वो .... भावभीनी मन को छूती रचना ...

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    1. सही कहा आपने... धन्यवाद

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  11. माँ हर समय अपने बच्चों की बेहतरी के लिये कुछ न कुछ सोचती रहती है; बिना अपने लिये कोई चाह किये।

    आपका ब्लॉग और आपकी लेखनी लाजवाब है।


    सादर
    ----
    उजली राहों के किनारे पर ......

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  12. कल 05/08/2013 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद!

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  13. प्यार सहेजती माँ......

    बहुत बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति...
    मन भीग सा गया.

    अनु

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    1. अनु जी को धन्यवाद

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  14. बेहद खूबसूरत हृदय से निकले शब्द ...सुंदर अभिव्यक्त !


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  15. very touching poem Parul... Really you are the only child who possess every ability of the world.....

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    1. This comment has been removed by the author.

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  16. Parul

    Well done, first of all belated happy birthday to you. I tried calling you thrice yesterday but your phone was switched off. I hope you have had a great day.

    Now a bit about your composition, aafareen!

    The picture reminds me of a place where our future was built, I guess it is the same terrace where we all used to sit on the wooden benches & have fun all the way.

    Thanks for this beautiful creation & picture.

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  17. sorry for the phone... and thank you for the wishes. you are right ..this is the same place. thanks for being sincere for continuing our friendship... i am lucky to have you as my very special friend and a true well wisher. regards.. parul

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  18. कई सारे शब्द और ऐसी कई कविताएं भी तुच्छ प्रतीत होती हैं जब माँ को बयाँ करने की बात होती है..सुंदर प्रस्तुति।।

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  19. You have woven your words in a very tranquil state, it seems. Beautiful work. :)

    Now when we are talking about mothers, you may want to have a look at one of my works as well:

    http://searchofhiddenhappiness.blogspot.in/2014/01/blog-post_7.html

    Cheers,
    Sagar

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  20. Bahut badhiya likhaa hai aapne...

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आपके कमेंट्स बेहद अनमोल हैं मेरे लिए...मेरा हौसला बढ़ाते हैं...मुझे प्रेरणा देते हैं..मुझे जोड़े रखते आप लोगों से...तो कमेंट ज़रूर कीजिए।