Saturday, January 21, 2012

HOME REMEDIES- गाजर


गाजर (Carrot)- वैज्ञानिक नाम-Daucus carota L.var. sativa DC. इसे हम गार्जर, शर, गज्जर आदि नामों से भी जानते हैं। गाजर प्रायः लाल होती है लेकिन ये पीले और काले रंग में भी पाई जाती है। गाजर की सिर्फ सब्जी ही नहीं बनाई जाती, हलवा, मुरब्बा, अचार, जूस आदि भी लोगों को बहुत पसंद आते हैं। इसके अलावा यदि गाजर के औषधीय गुणों को भी अपना लिया जाये, तो क्या कहने।
गाजर में प्रोटीन, वसा , कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, कैल्शियम फास्फोरस, लोहा आदि पाये जाते हैं। इसमें vitamin A,B,C पाया जाता है।

औषधीय प्रयोग-
ह्रदय रोग- कद्दूकस की गई गाजर को दूध में पकाकर शक्कर मिलाकर खीर की तरह खाने से ह्रदय को शक्ति मिलती है और खून की कमी दूर होती है।
खांसी- गाजर के रस में मिश्री और काली र्मिच मिलाकर चाटने से खांसी मिटती है और कफ़ निकल जाता है।
सूजन- पीड़ित को गाजर की तरकारी खानी चाहिए।
जलन- उबली गाजर को पीसकर जले हुए स्थान पर लगाने से जलन मिटती है।
प्रसव कष्ट- प्रसव कष्ट कम करने के लिए गाजर के 10 ग्राम बीज और 100 ग्राम पत्तों का काढ़ा बनाकर पिलाने से कष्ट कम होता है।
नेत्र ज्योति- गाजर के रस को सौंफ के साथ लेने से आंखों की रौशनी बढ़ती है।

गाजर का जूस रोजाना पीने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, कीटाणुओं और इन्फैक्शन का असर नहीं होता। त्वचा में चमक आती है। हड्डियां मज़बूत और खून बढ़ता है। गाजर को अपने खाने में शामिल करें और इसके गुणों का लाभ उठायें।


1 comment:

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