Tuesday, January 10, 2012

वो मेरा अपना है...


उसके बारे में सोचूं...तो कुछ अजीब लगता है
वो मेरा अपना है, मेरे हर पल करीब रहता है
कभी लगता है इसने ऊंचाइयां तमाम छू लीं
इतना खुश तो इसे कभी कभी देखा है

ये कभी अपनी उड़ान थाम लेता है
सहम जाता है कभी, कभी खुद को रोक लेता है
बैठ जाता है किसी कोने में...घबराके
मुझको अकसर ये कुछ मायूस सा लगता है 

इतना मजबूर न समझना उसको
वो मुझ में अपना एक मकाम रखता है
खुद को हरपल वो मज़बूत किये चलता है
गिरता है टूट जाता है, टूटकर फिर संभलता है

क्या है जो खुद में लिये फिरता है
समेटकर सबकुछ..मुझमें रंग नए भरता है
कुछ यादें, कुछ अरमान ...कुछ ग़म की दासतानें
जीवन के फ़लसफ़े, उम्मीदों के सिलसिले...
ये मेरा दिल है.. 
मुझको हरपल ये ज़िंदा रखता है।।

5 comments:

  1. really you have a strong and beautiful heart!! :)

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  2. kamal hai, har rachna aapki paripakvta ko chhooti nazar aatee hai, kamaal hai!

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  3. आप सभी का धन्यवाद।

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  4. yakin nahin mujhko ki chup si rehne wali, sharmati huie si, apne kaam se kaam rakhne wali, class main sabse alag rehne wali ladki itna sunder bhi likh sakti hain. bhout sunder..........

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