Sunday, January 1, 2012

उम्मीदों का साल...


चलते चलते 2011 भी चला गया.. और ले गया अपने साथ अपनी ही दी हुई उन अच्छी-बुरी यादों को, जिनके साथ जीते हुए हम आज फिर से एक नये साल का स्वागत कर रहे हैं। और ये नया साल आज फिर से नयी ऊर्जा, नई उमंग के साथ हमारे जीवन में शामिल हो चुका है.. नये साल में बहुत सारी उम्मीदें हैं, सभी ने अपने छोटे-छोटे सपनों को आंखों में संजोए रखा है। मन में उन तमाम चीजों का हिसाब रखा है.. जो बीते साल कर नहीं पाए, जो बीते साल जुटा नहीं पाये, फिर से मन में वही उम्मीद कि इस साल तो ये कर ही लेंगे, इतना तो बचा ही लेंगे.. अपनी ख्वाहिशों को विराम देंगे और अपने बच्चों की हर ज़रूरत को पूरा करेंगे.. उनसे ये नहीं कहेंगे कि बेटा फिर दिला देंगे। अपने लिए भी कुछ सोच रखा है.. सबने अपने आप को कहीं छुपा रखा है.. किसी को इस साल कुछ नया करना है.. किसी को हर हाल में नौकरी करना है.. किसी को अपनी नौकरी को बचाए रखना है.. किसी को उम्मीद है कि इस बार तो प्रमोशन मिल ही जायेगा.. तो किसी की उम्मीद में कोई है.. उम्मीद है कि घर में कोई नन्हा आएगा.. उम्मीद है कि घर का बुज़ुर्ग बिल्कुल ठीक हो जाएगा। किसी के सपनों में चार पहिए.. तो किसी की आंखों में चार दीवारों का ख़्वाब.. ख़्वाब कुछ छोटे.. ख़्वाब कुछ बड़े.. ख़्वाब कि इस साल तो अच्छे नंबर ले ही आना है.. ख़्वाब कि मुझे भी मैरिट में आना है। ख्वाबों के सिलसिले.. कभी न ख़त्म होने वाले.. कभी भी जन्म लेने वाले और किसी भी पल टूटकर बिखरने वाले.. काश कि सबके सारे ख़्वाब सच हों.. सारी उम्मीदें उनकी उम्मीद से बढ़कर हों.. नये साल की नई उम्मीद के साथ नये साल का स्वागत है...   

1 comment:

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