Monday, April 11, 2011

एक खबर..

यूं तो हर रोज़ अखबार मन झकझोर देने वाली ख़बरों से भरा होता है, पर कुछ खबरें ऐसी भी होती हैं जो ज़ेहन से निकल नहीं पातीं। आज भी एक पन्ने पर कुछ ऐसा ही था.. दो लड़कियों के साथ बलात्कार! एक 18 साल की और एक सिर्फ 3 साल की। गुड़गांव में रहने वाली 18 साल की इस लड़की को उसके ही रिश्तेदार ने अपनी हवस का शिकार बनाया...बचकर किसी तरह भागी तो बाहर कुछ लोगों से मदद मांगी..पर किस्मत की मारी थी..वो चार लोग थे जिन्होंने मदद के नाम पर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया और द्वारका इलाके में छोड़ गए। लड़की ने  खुद थाने जाकर मामले की जानकारी पुलिस को दी।  दूसरी ओर दिल्ली के कापसहेड़ा इलाके में 3 साल की इस लड़की से किसी दरिंदे ने दुष्कर्म किया। बच्ची के परिजनों ने पुलिस को बच्ची के लापता होने की जानकारी दी और अपहरण का केस दर्ज किया गया। सुबह बच्ची की लाश सड़क पर पड़ी मिली।
आज दुर्गाष्टमी है.. लोग घरों में  कन्याओं को बुलाकर बड़े प्रेम भाव से खाना खिलाते हैं.. उनको देवी का स्वरूप मानकर उनके पांव छूते हैं। और इसी दुनिया में ऐसे भी लोग हैं जो देवी जैसी इन नन्ही बच्चियों को अपनी हवस का शिकार बनाते हैं.. इतने अंधे हो जाते हैं कि उम्र का लिहाज़ भी नहीं  करते।
हम क्या कर पाते हैं... थोड़ा सा दुखी होते हैं.. गुस्सा भी आता हैं , पर आंखों के आंसू  बनकर  कुछ देर में पानी की तरह बह जाता है। है न ?