Thursday, December 22, 2011

वास्तु- सूत्र 5



कहते हैं कि भगवान हर जगह विद्धमान है। लेकिन हर घर में उनका एक अलग स्थान होता है। घर के वास्तु में सबसे महत्वपूर्ण है भगवान का स्थान। घर के मंदिर को सही दिशा में रखना बेहद ज़रूरी होता है।
पूजा स्थल ईशान कोण यानि घर की उत्तर-पूर्व (NORTH-EAST) दिशा में होना चाहिए। साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि पूजा करते समय मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर हो। ऐसा करने से सुख-समृद्धि और मान-सम्मान में वृद्धि होती है।



1 comment:

आपके कमेंट्स बेहद अनमोल हैं मेरे लिए...मेरा हौसला बढ़ाते हैं...मुझे प्रेरणा देते हैं..मुझे जोड़े रखते आप लोगों से...तो कमेंट ज़रूर कीजिए।