Wednesday, November 23, 2011

HOME REMEDIES - मूली

मूली (Radish)- वैज्ञानिक नाम- Raphanus sativus L. इसे हम मूली, मूला, मुड़ा आदि नामों से भी जानते हैं। मूली को प्रायः हम सलाद में खाते हैं और मूली भाजी और मूली के पराठों के तो क्या कहने। स्वादिष्ट होने के साथ साथ मूली में औषधीय गुण भी होते हैं, जिन्हें जानकर कई परेशानियों से निजात पाई जा सकती है। मूली के बीज और जड़ से तेल भी निकाला जाता है जो उड़नशील होता है। 100 ग्राम मूली में 0.1 मिलीग्राम आर्सेनिक पाया जाता है।

औषधीय प्रयोग-
कंठशुद्धी- मूली के 5-10 ग्राम पिसे बीजों को गर्म पानी के साथ दिन में 3 बार फंकी लेने से गला साफ होता है।
श्वास- मूली का 500 मिलीग्राम से 2 ग्राम क्षार 1 चम्मच शहद में मिलाकर दिन में 3-4 बार चाटने से श्वास रोग में लाभ मिलता है।
पाचन- मूली खाना खाने के बाद भोजन को पचाती है, पर भोजन के पहले खाने पर यह पचने में भारी होती है।
अम्लपित्त- मूली या मूली के पत्तों के 10-20 ग्राम रस में मिश्री मिलाकर खाने से लाभ होता है।
पेटदर्द- मूली के रस 25ml रस में नमक और पिसी कालीमिर्च डालकर 3-4 बार पीने से पेटदर्द ठीक हो जाता है।
पथरी- मूली की शाखों के 100 ग्राम रस को दिन में 3 बार पीने से पथरी के टुकड़े हो जाते हैं। मूली के पत्तों के 10 ग्राम रस में अजमोद(parsley, celery) मिलाकर दिन में 3 बार पीने से पथरी गल जाती है।
सूजन-मूली के 2 ग्राम बीज, 5 ग्राम तिल के साथ दिन में 3 बार लेने से सब प्रकार की सूजन मिटती है।
दाद- मूली के बीजों को निंबू के रस में पीसकर लगाएं, लाभ होगा।

   

1 comment:

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