Wednesday, November 16, 2011

तो चले जाना...



कुछ देर ज़रा रुक जाओ,
थोड़ा सुकूं आने दो
दिल को ठंडक मिल जाए,
तो चले जाना...

आंख भर आने दो,
धड़कने बढ़ जाने दो
रूह में करार आए,
तो चले जाना...

तेरे दिल से जो निकली,
उस आह को छूने दो
हर दर्द दिल में उतर जाए,
तो चले जाना...

तेरी आंखों से जो निकली,
उस नमी को पीने दो
ग़म सारे सिमट जाए,
तो चले जाना...

सांस को सांस आए,
ये रात ज़रा धुंधलाए,
जज़बात करार पा जाए
तो चले जाना...




5 comments:

  1. oye hoye kya baat...kya baat :)

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  2. कल 22/11/2013 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद!

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    1. पुरानी रचनाओं को फिर से ज़िन्दगी दे रहे हैं आप, शुक्रिया यशवंत जी !

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  3. बेहतरीन और संजीदगी से भरपूर रचना

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आपके कमेंट्स बेहद अनमोल हैं मेरे लिए...मेरा हौसला बढ़ाते हैं...मुझे प्रेरणा देते हैं..मुझे जोड़े रखते आप लोगों से...तो कमेंट ज़रूर कीजिए।