Friday, October 28, 2011

दिये वाली दीपावली...


दीपावली, कहने को तो दीपावली दीपों का त्यौहार है..पर इस शब्द के मायने अब वो नहीं जो कभी थे। दीप जलाकर लोग लक्ष्मी जी का स्वागत किया करते थे...हर घर में दियों की रौशनी झिलमिलाती थी। थालों में ढेरों दिये सजाए जाते फिर उन्हें घर के हर कोने में इस तरह रखा जाता कि घर का कोई भी हिस्सा अंधकारमय न रहे। ये दिये हमारी परम्पराओं का हिस्सा रहे हैं। प्रतिदिन की पूजा-अर्चना से लेकर हर त्यौहार पर दिये जलते हैं। हमारी संस्कृति, हमारी परम्परा में इन दियों की महत्ता को कोई झुठला नहीं सकता। पर अब दीपावली पर दियों की गिनती भी कम हो गई है। दियों की पवित्र लौ आज बनावटी रौशनी में कहीं खो गई है। भारत के त्यौहारों पर भी अब चाइना हावी है। हर तरफ टिमटिमाती दिखती हैं चाइनीज़ लाइट्स..ये लाइट्स हर किसी की जेब के लिए किफायती हैं...इसलिए हर तरफ इन्हीं की चमक दिखती है।  नज़ारा ये है कि अब दीपावली पर ज़्यादातर घरों में यही लाइट्स दिखाई देती हैं और हमारे छोटे छोटे दिये कहीं गुम से हो गए हैं। कुछ लोग तो शगुन करने के लिए गिनती के दिये जलाते हैं और दोबारा उनमें तेल डालना भी भूल जाते हैं।
रंग बिरंगी ये चमचमाती लाइट्स अच्छी तो लगती हैं पर उस दिये जैसी दिव्य और पावन नहीं लगतीं। और ये छोटी सी चीज़ जो देखने में इतनी सुंदर है, पवित्र है इसके रचनाकार के बारे में सोचकर ये भावुक मन और भी भावपूर्ण हो जाता है.. वो हैं हमारे देश के कुम्हार.. जो इस धरती की पावन मिट्टी लेकर उसे पानी से गूंधते हैं और अपने हाथों से चाक पर रखकर ये नन्हे नन्हे दिए बनाते हैं। मेहनत करके ऐसे ही मिट्टी के छोटे छोटे बर्तन बनाकर अपनी गुजर बसर करते हैं। दीपावली नज़दीक आते ही इनका उत्साह दोगुना हो जाता है। इस उम्मीद पर कि लोग दिए खरीदेंगे...वो रातों को भी जागकर ढेरों दिये तैयार करता है। और दीपावली का दिन आते ही उन्हें ये पता चलता है कि इस बार तो दिये पिछले साल से भी कम बिके...दीपावली के त्यौहार पर न जाने कितने ही कुम्हारों की आंखें नम होती हैं। और हम वो सुंदर-सुंदर, छोटी-छोटी रंगबिरंगी लाइट्स खरीदने में व्यस्त रहते है।

2 comments:

  1. पारुल जी , यह भी एक त्रासदी है .....
    सच्च में दीयों की अपनी महत्ता है ...
    पर तेल की कीमतों को देखते हुए शायद लोगों में ये कमी आ गई है ....
    शुभकामनाएं .....

    ReplyDelete

आपके कमेंट्स बेहद अनमोल हैं मेरे लिए...मेरा हौसला बढ़ाते हैं...मुझे प्रेरणा देते हैं..मुझे जोड़े रखते आप लोगों से...तो कमेंट ज़रूर कीजिए।