Sunday, October 9, 2011

कहां खो गई ममता ?

आजकल अखबार पढ़ने का मन नहीं करता। अखबार ऐसी खबरों से भरा होता है जो खबरें तो हैं, मगर किसी को भी परेशान और दुखी कर देती हैं। ऐसी खबरों को पढ़कर मन और दिमाग दोनों ही अस्थिर हो जाते हैं। अब कसूर अखबारों का तो है नहीं, उनका तो काम ही खबरों को सामने लाना है। कसूर है तो शायद इस दुनिया का जो बहुत निर्दयी होती जा रही है। पता नहीं क्यों लोगों के दिल पत्थर के हो गए हैं। इसीलिए दिल से किए जाने वाले काम अब दिमाग कर रहा है।
'बच्चे' ये वो शब्द है जिसके साथ ममता हमेशा जुड़ी रहती है। ईश्वर की कृपा ही ऐसी है कि उन्होंने ये सुख सिर्फ एक औरत को ही दिया है, एक मां ही जीवनदायिनी होती है और उसको ममता की मूरत कहा गया है। पर आजकल कुछ माताएं, मां शब्द के मायने ही भूल गई हैं। शायद वो एक बात मान बैठी हैं कि अगर वो बच्चे को जन्म दे सकती हैं तो वो उसका जीवन ले भी सकती हैं।
मध्यप्रदेश के बुरहानपुर के एक गांव में किसी ने अपने मासूम बच्चे को ज़मीन में गाड़ दिया। उसका कसूर सिर्फ इतना था कि वो एक लड़की थी। किसी ने बच्चे के रोने की आवाज़ सुनी और उसे बाहर निकाला। बच्ची चार दिन की है और बेहद कमजोर है, उसे पीलिया भी है। इस बच्ची को इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। उसका नाम मिताली रखा गया है क्योंकि वो सीता माता की तरह ज़मीन से निकली है। सीता माता का नाम भी मिताली था।
खैर ल़डकियों को पैदा होते ही मार देना कोई नई बात नहीं है। हमारे देश के शहर और गांवों में ये कुकृत्य तो होता ही आ रहा है। इस बच्ची की किस्मत अच्छी थी कि बच गई, वरना न जाने कितनी ही बच्चियां ऐसे ही ज़मीन में गाड़ दी जाती हैं और कोई उनकी चीखें भी नहीं सुन पाता।
इस दुनिया में हज़ारों ऐसे लोग हैं जो औलाद के सुख के लिए तरसते हैं। भगवान से कितनी ही मिन्नतें करते हैं एक बच्चे की किलकारी सुनने के लिए। और कुछ निर्दयी ऐसे भी हैं कि सिर्फ जिम्मेदारी उठाने के ड़र से, जान लेने जैसा घिनौना काम भी कर डालते हैं। उस मां ने भी तो इस बच्चे को नौ महीने उपनी कोख में संभालकर रखा होगा, उससे बातें भी की होंगी, अपना ध्यान भी रखा होगा कि कहीं बच्चे को कुछ नुकसान न हो..पर ये देखते ही कि वो एक लड़की है, उस मां की ममता कहीं खो गई, उसका दिल पत्थर का हो गया। शायद इंसानों से अच्छे जानवर होते हैं, जिनकी ममता अपने बच्चों के लिए बराबर होती है, वो कभी अपने जन्मे बच्चे की हत्या नहीं करते।

1 comment:

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