Thursday, September 1, 2011

वास्तु


वास्तु के बारे में मुझे जानकारी तो थी लेकिन मुझे इसका ज्ञान नहीं था। वास्तुशास्त्र में रुचि थी इसलिए काफ़ी समय से इसे समझने का प्रयास कर रही हूं। पर यह विषय मेरे लिए सिर्फ ज्ञान नहीं है, जब से मैंने वास्तु के नियमों का पालन करना शुरू किया है, मेरा विश्वास इससे जुड़ गया है। मैंने अपने जीवन को पूरी तरह से तो वास्तु  के अनुसार नहीं बदला, क्योंकि वो तो किसी के लिए भी संभव नहीं है, पर जितना बदल पाई हूं उससे मुझे अच्छे और आशचर्यजनक परिणाम देखने मिले हैं। आज से मैं अपने अनुभव इस ब्लॉग पर साझा करूंगी।

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