Monday, August 15, 2011

एक नई शुरूआत..

15 अगस्त को हमने अपनी आज़ादी की वर्षगांठ मनाई..  किसी अच्छी शुरूआत के लिए इससे अच्छा समय नहीं हो सकता.. मैने ये तय किया है कि मैं अब से प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट के लिए लाइट्स ऑफ रखूंगी.. मैं जानती हूं कि इससे कोई ख़ास फ़र्क नहीं पड़ता.. लेकिन बूंद बूंद से ही सागर भरता है.. मैं ये भी कहना चाहती हूं कि ज्यादा ज़रुरी अच्छी सोच है.. पहले अच्छा सोचें तभी कुछ अच्छा कर पाएंगे.. मैं आज से ये छोटी सी शुरूआत कर रही हूं.. आप साथ आएंगे तो हम मिलकर देश के लिए थोड़ी सी बिजली बचा पाएंगे..
जयहिंद ।।

2 comments:

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