Tuesday, July 26, 2011

SENORITA !!

मुझे डांस करना नहीं आता..पर ये कौन सा गाना है जिसे सुनते ही मैं अपने आप थिरकने लगी...सैनोरीटा !!
कुछ तो ख़ास है इसमें...जो किसी को भी झूमने पर मजबूर कर दे। ज़ोया अख़्तर के गानों में अकसर ये देखने मिलता है, उनके गीत बहुत ही जीवंत होते हैं। शंकर ऐहसान ल़ॉय का संगीत और ज़ोया अख़्तर, ये जोड़ी हमेशा कमाल ही दिखाती है। उनके गाने सुनने में तो अच्छे हैं ही देखकर भी आप बोर नहीं होंगे। और गाना  ख़त्म होने पर आप दोबारा सुने बिना नहीं रह पाएंगे। मन खुश होगा और शरीर में नई ऊर्जा का संचार भी । असल में ये गाना स्पैनिश धुन पर आधारित है...जिसमें कुछ स्पैनिश और हिन्दी बोलों को पिरोया गया है। और सबसे अच्छी बात तो ये है कि इस गीत को किसी जानेमाने प्लेबैक सिंगर ने नहीं गाया है। बल्कि फिल्म के तीनों अभिनेता फ़रहान अख़्तर, ऋतिक रौशन और अभय देओल ने अपनी आवाज़ से संवारा है। भारतीय और स्पैनिश धुन का ये संगम काबिले तारीफ हैं।



ज़ोया की फिल्म 'लक बाई चांस' का गाना 'बावरे' याद है न ? भला उसे कौन भुला सकता है...वो गीत शरीर में थिरकन भर देता है। वो भी राजस्थानी लोक संगीत पर आधारित गीत है।

असल में गानों पर मेहनत तो बहुत की जाती है पर कुछ ही गाने लोगों के प्रिय बन पाते हैं। कारण भले ही अपने-अपने अलग हों। तो थोड़ा वक़्त अपने लिए भी निकालिए, कुछ देर डूब जाइए इन गीतों में...तनाव खुद-ब-खुद दूर भाग जाएगा।



1 comment:

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